. चेर वंश व इसके प्रतीक चिन्ह के बारे में बताइये


चेर राज्य व इसके प्रतीक चिन्ह के बारे में बताइये।


चेर राज्य:  दक्षिण भारत के प्रमुख वंशों में से एक वंश है चेर।  चेर का आधुनिक नाम केरल है या यूं कहें तो केरल का प्राचीन नाम चेर था। केरल नाम चेर वंश के नाम पर ही पड़ा है।


चेर वंश का राज्य क्षेत्र दक्षिण भारत के दक्षिण-पश्चिम में मालाबार तक फैला हुआ था। चेरों ने अपनी राजधानी वंजी अथवा करूर को बनाया था।


चेर वंश का प्रतीक चिन्ह धनुष था। जिसे चेरों का राजकीय चिन्ह भी कहा जाता है। चेर राज्य के प्रमुख घटनाओं की बात की जाए तो चेरों का चोलों पर हमला करना है। चेरों ने चोल वंश के राजा करिकाल के पिता की हत्या कर दी थी। इसके बदले में चोलों ने भी चेर वंश के राजा की हत्या कर दी।


प्राचीन चेर कवियों व लेखकों ने चेर वंश के सबसे शक्तिशाली राजा शेनगुट्टम (लाल चेर) को बतलाया है। चेर वंश के राजा  आदिगेमान को गन्ने की खेती की शुरुआत करने के लिए जाना जाता है।

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